Kon Apna Kon Paraya

वक़्त ने कुछ ऐसा पैतरा आज़माया…,
कौन अपना, कौन पराया, सब दिखाया
उम्मीद लगा के बैठे थे जिन रिश्तों से
उन्ही दोस्तों ने खाने में ज़हर मिलाया...!


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